हनुमान पूजा

हनुमान अष्टक पाठ (संकट मोचन):
यदि विशेष संकटों से मुक्ति चाहिए तो हनुमान अष्टक का पाठ करें:
बाल समय रवि भक्षि लियो तब, तीनहुं लोक भयो अंधियारो।
ताहि सत्रास भयो जग को, यह संकट काहु सों जात न टारो॥
हनुमान आरती:
पूजा के अंत में हनुमान जी की आरती करें:
आरती कीजै हनुमान लला की।
दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥
विशेष ध्यान:
हनुमान जी की पूजा मंगलवार और शनिवार को विशेष रूप से की जाती है। इस दिन उपवास रखकर और पूजा विधि संपन्न करके भगवान हनुमान से विशेष आशीर्वाद प्राप्त किया जा सकता है।
पूजा के दौरान मन को शांत और भक्तिभाव से भरपूर रखें। हनुमान जी की भक्ति से सभी संकट दूर होते हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है
हनुमान पूजा
हनुमान पूजा भगवान हनुमान की भक्ति और शक्ति का आह्वान करने का एक विशेष विधि-विधान है। इसे श्रद्धा और विश्वास के साथ करने से संकटों का नाश होता है और साहस, बल, और ऊर्जा की प्राप्ति होती है। यहाँ हनुमान पूजा की संपूर्ण विधि और उपयोगी मंत्र दिए गए हैं:
हनुमान पूजा की सामग्री
- हनुमान जी की मूर्ति या चित्र।
- लाल कपड़ा, सिंदूर और चमेली का तेल।
- लाल फूल, विशेषकर गुड़हल का फूल।
- तुलसी के पत्ते।
- अक्षत (चावल), फल और मिठाई (लड्डू)।
- अगरबत्ती, दीपक, घी या तेल।
- पान, सुपारी और नारियल।
हनुमान पूजा की विधि
स्थान का चयन और सफाई:
पूजा स्थल को स्वच्छ करें और वहां हनुमान जी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।ध्यान और आह्वान:
भगवान हनुमान का ध्यान करें और उनके आह्वान के लिए निम्न श्लोक पढ़ें:
ॐ हनुमंते नमः।सिंदूर और तेल अर्पित करें:
भगवान हनुमान को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करें।फूल और अक्षत अर्पित करें:
लाल फूल, तुलसी के पत्ते और अक्षत (चावल) अर्पित करें।दीप और अगरबत्ती जलाएं:
दीपक और अगरबत्ती जलाकर भगवान हनुमान की आरती करें।हनुमान चालीसा का पाठ:
श्रद्धा से हनुमान चालीसा का पाठ करें।मंत्र जप:
हनुमान जी के निम्न मंत्रों का जप करें:- ॐ हं हनुमते नमः।
- ॐ श्री रामदूताय नमः।
- ॐ पवनपुत्राय विद्महे महाबलाय धीमहि। तन्नो हनुमान् प्रचोदयात्॥
प्रसाद वितरण:
हनुमान जी को फल और लड्डू अर्पित करें और अंत में इसे भक्तों में वितरित करें।